Connect with us

India News

UAE पहुंचे PM Modi’s : क्या सस्ते होंगे पेट्रोल-गैस के दाम? India की ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ी चर्चा

अबू धाबी दौरे में तेल, LPG और LNG सप्लाई पर हो सकती है बड़ी डील, वैश्विक संकट के बीच भारत को राहत मिलने की उम्मीद।

Published

on

PM Modi UAE Visit: क्या भारत को तेल संकट से मिलेगी राहत? जानिए बड़ी बातें
अबू धाबी में UAE नेताओं के साथ ऊर्जा सुरक्षा और तेल सप्लाई पर चर्चा करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने पांच देशों के छह दिवसीय विदेश दौरे की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से की। इस दौरे का सबसे अहम मुद्दा भारत की ऊर्जा सुरक्षा माना जा रहा है, क्योंकि दुनिया भर में तेल और गैस बाजार लगातार अस्थिर बने हुए हैं।

अबू धाबी में प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से होगी। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ-साथ ऊर्जा आपूर्ति पर भी अहम चर्चा होने की संभावना है।

सूत्रों के मुताबिक, भारत इस दौरे में लंबे समय के लिए कच्चे तेल (Crude Oil), LPG और LNG सप्लाई से जुड़े समझौतों पर जोर दे सकता है। माना जा रहा है कि अगर ये समझौते होते हैं तो भविष्य में वैश्विक संकट के दौरान भारत को ईंधन आपूर्ति में स्थिरता मिल सकती है।

पिछले कुछ महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, ऐसे में तेल कीमतों में तेजी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता असीम महाजन ने भी UAE को भारत का बेहद महत्वपूर्ण ऊर्जा साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि UAE भारत के लिए कच्चे तेल का चौथा सबसे बड़ा स्रोत, LNG का तीसरा सबसे बड़ा सप्लायर और LPG का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है।

जानकारों का मानना है कि इस दौरे में भारत अपने Strategic Petroleum Reserves यानी रणनीतिक तेल भंडार को मजबूत करने पर भी चर्चा कर सकता है। इसका मकसद भविष्य में किसी वैश्विक संकट या युद्ध जैसी स्थिति में देश की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखना है।

और भी पढ़ें : कौन हैं Rini Sampath? Tamil Nadu में जन्मी यह Indian-American बनीं Washington DC Mayor की Race में उतरने वाली पहली South Asian

ऊर्जा के अलावा दोनों देशों के बीच रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और डिजिटल ट्रेड जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर बातचीत हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में भारत और UAE के रिश्ते तेजी से मजबूत हुए हैं और दोनों देश व्यापारिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।

Dainik Diary Zaid 2026 05 15T115205.936


विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत को लंबे समय के लिए स्थिर और सस्ती ऊर्जा सप्लाई सुनिश्चित होती है, तो इसका फायदा आम उपभोक्ताओं से लेकर उद्योगों तक को मिल सकता है। इससे पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की कीमतों पर दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।

हालांकि अभी तक किसी समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन PM मोदी का यह दौरा भारत की ऊर्जा रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।