Connect with us

World News

Strait Of Hormuz पर India का बड़ा फैसला, Indian Seafarers की तैनाती पर DGMA ने लगाई रोक

US-Iran तनाव और समुद्री हमलों के खतरे को देखते हुए India ने Shipowners और Recruitment कंपनियों के लिए जारी की सख्त एडवाइजरी।

Published

on

Dainik Diary Zaid 8 27
Strait Of Hormuz में बढ़ते तनाव के बीच India ने Indian Seafarers की सुरक्षा के लिए उठाया बड़ा कदम।

Middle East में बढ़ते तनाव और Strait Of Hormuz क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं के बीच India ने अपने समुद्री कर्मचारियों (Indian Seafarers) की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। Directorate General of Maritime Administration (DGMA) ने Indian seafarers की तैनाती को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब Gulf क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच Commercial Vessels की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हाल ही में समुद्री रास्तों पर हुए हमलों और खतरे के माहौल को देखते हुए India ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।

Shipowners और Recruitment कंपनियों को निर्देश

DGMA की ओर से Shipowners, Shipping कंपनियों और Seafarer Recruitment एजेंसियों को सलाह दी गई है कि वे Strait Of Hormuz क्षेत्र से जुड़े जोखिमों का आकलन करने के बाद ही Indian maritime workers की तैनाती करें।

और भी पढ़ें : Iran Peace Deal पर Donald Trump का बड़ा दावा, तेहरान ने कहा- “अभी कोई अंतिम समझौता नहीं”

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी Indian Seafarer को ऐसे क्षेत्र में न भेजा जाए जहां उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।

Strait Of Hormuz क्यों बना चिंता का कारण?

Strait Of Hormuz दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में शामिल है। यहां से बड़ी मात्रा में तेल और अन्य महत्वपूर्ण सामानों की आवाजाही होती है। Middle East में किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या तनाव का सीधा असर इस समुद्री मार्ग पर पड़ सकता है।

US और Iran के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति पहले से ज्यादा संवेदनशील हो गई है। कई देशों ने अपने नागरिकों और समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।

Indian Maritime Workers की सुरक्षा पर जोर

India दुनिया के बड़े Seafarer Workforce वाले देशों में शामिल है। बड़ी संख्या में Indian professionals अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर काम करते हैं। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

DGMA के इस कदम को Indian maritime community के लिए एक सुरक्षा उपाय के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में Middle East की स्थिति पर नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर नए दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं।

Dainik Diary की रिपोर्ट के अनुसार, India का यह फैसला बढ़ते Global Maritime Risks के बीच अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रणनीति का हिस्सा है।