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ईरान का यूरेनियम चाहिए ही चाहिए Trump के बयान से मचा हड़कंप, फिर दी बमबारी की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के समृद्ध यूरेनियम को हासिल करना “पब्लिक रिलेशंस” के लिए जरूरी है, साथ ही दोबारा बमबारी का संकेत भी दिया।
मध्य पूर्व में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा और इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के एक नए बयान ने वैश्विक राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
Fox News को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के समृद्ध यूरेनियम को अपने कब्जे में लेना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि यह कदम “असल जरूरत” से ज्यादा “पब्लिक रिलेशंस” यानी राजनीतिक संदेश देने के लिए महत्वपूर्ण है।
ट्रंप ने इंटरव्यू में कहा, “अगर वह यूरेनियम हमारे पास आ जाए तो मुझे बेहतर महसूस होगा। हम उसे हासिल करेंगे।”
फिर दी बमबारी की चेतावनी
ट्रंप यहीं नहीं रुके। उन्होंने साफ कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो ईरान पर फिर से बमबारी की जा सकती है।
उन्होंने कहा, “हम दोबारा बमबारी भी कर सकते हैं।”
इस बयान के बाद एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और Israel अब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर और ज्यादा आक्रामक रुख अपना सकते हैं।
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Netanyahu ने भी दिया बड़ा संकेत
इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी हाल ही में कहा था कि ईरान के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
उनके मुताबिक, ईरान के संवेदनशील परमाणु सामग्री को देश से बाहर निकालना जरूरी है। यही वजह है कि इजराइल लगातार ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बता रहा है।
पहले भी हो चुकी है बमबारी
गौरतलब है कि पिछले साल जून में ट्रंप के आदेश पर ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर हमला किया गया था।

उस समय ट्रंप ने दावा किया था कि ये साइट्स पूरी तरह तबाह कर दी गई हैं। हालांकि संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निरीक्षकों ने इस दावे की पूरी तरह पुष्टि नहीं की थी।
इसके बावजूद अमेरिका लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब पहुंच चुका है। वहीं Iran हमेशा से इन आरोपों को खारिज करता आया है।
Iran और अमेरिका के बीच बढ़ती दूरी
पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका और Iran के रिश्ते लगातार खराब हुए हैं। आर्थिक प्रतिबंध, परमाणु समझौता और सैन्य तनाव — इन सभी मुद्दों ने दोनों देशों के बीच अविश्वास बढ़ाया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप का यह नया बयान सिर्फ विदेश नीति नहीं बल्कि घरेलू राजनीति से भी जुड़ा हो सकता है। अमेरिका में चुनावी माहौल के बीच ट्रंप खुद को “कठोर नेता” के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।
दुनिया की बढ़ी चिंता
ट्रंप और नेतन्याहू के बयानों के बाद दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है कि कहीं मध्य पूर्व एक बार फिर बड़े संघर्ष की तरफ न बढ़ जाए।
अगर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ता है तो इसका असर सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा पर नहीं बल्कि तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या आने वाले दिनों में बातचीत का रास्ता निकलेगा या हालात और ज्यादा विस्फोटक हो जाएंगे।
