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‘यह छात्रों की जीत है…’ Dharmendra Pradhan के इस्तीफे के बाद Rahul Gandhi का बड़ा संदेश, सरकार के सामने रखीं 2 नई मांगें
Dharmendra Pradhan के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद Rahul Gandhi ने छात्र आंदोलन को लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया। साथ ही उन्होंने सरकार से छात्रों पर कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम और प्रधानमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की।
Dharmendra Pradhan के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने इसे देश के छात्रों की बड़ी जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक इस्तीफा नहीं, बल्कि भारत की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की दिशा में पहला बड़ा कदम है।
वीडियो संदेश जारी करते हुए Rahul Gandhi ने देशभर के उन छात्रों को बधाई दी, जिन्होंने परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि छात्रों ने लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष किया और इस उपलब्धि पर पूरे देश को उन पर गर्व होना चाहिए।
‘यह सिर्फ शुरुआत है’
अपने संदेश में Rahul Gandhi ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में पहला कदम है, लेकिन अभी कई अहम बदलाव बाकी हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन केवल शिक्षा से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संघर्ष भी है।
सरकार के सामने रखीं दो बड़ी मांगें
छात्रों को बधाई देने के साथ ही Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें भी रखीं।
पहली मांग यह है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कथित बल प्रयोग करने वाले अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि जिन लोगों ने छात्रों पर हमला किया या ऐसी कार्रवाई का आदेश दिया, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
दूसरी मांग प्रधानमंत्री Narendra Modi से जुड़ी थी। Rahul Gandhi ने कहा कि छात्रों के सम्मान में प्रधानमंत्री को उन घटनाओं के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, जिनमें प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार हुआ।
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‘यह जीत अन्य वर्गों के लिए भी संदेश’
Rahul Gandhi ने कहा कि छात्रों की यह सफलता समाज के अन्य वर्गों जैसे किसानों और गरीबों के लिए भी प्रेरणा है। उन्होंने लोगों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि अन्याय के खिलाफ खड़े होने से डरना नहीं चाहिए।
संसद में भी उठाया था छात्रों का मुद्दा
हाल के दिनों में Rahul Gandhi लगातार संसद के भीतर और बाहर छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरते रहे हैं। संसद में विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया, जबकि 21 जुलाई को उन्होंने कांग्रेस सांसदों के साथ प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर छात्रों पर कथित कार्रवाई और Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग की थी।

केंद्र सरकार ने उठाए कई कदम
छात्रों के विरोध प्रदर्शन और बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कई कदमों की घोषणा की है।
सरकार ने पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने की बात कही है। इसके अलावा पेपर लीक से जुड़े कानूनों को और सख्त बनाने, अधिक कठोर सजा और जुर्माने का प्रावधान करने की तैयारी भी चल रही है।
इसी क्रम में सरकार ने शिक्षा सचिव में बदलाव किया है और National Testing Agency (NTA) के 47 अधिकारियों को भी सेवा से हटाने का फैसला लिया है। साथ ही परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार का आश्वासन दिया गया है।
राजनीतिक बहस तेज
Dharmendra Pradhan के इस्तीफे के बाद शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा सुधार और छात्रों के अधिकारों को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। जहां विपक्ष इसे छात्र आंदोलन की सफलता बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए सुधार प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
