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‘सरकार यह भरोसा दे दे तो आज ही अनशन खत्म कर दूंगा…’: Sonam Wangchuk की नई शर्त, छात्रों पर कार्रवाई न करने की मांग
25 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे Sonam Wangchuk ने केंद्रीय मंत्रियों JP Nadda और Jitendra Singh को पत्र लिखकर कहा कि यदि छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे।
Sonam Wangchuk ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को लेकर बड़ा बयान दिया है। NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर जारी आंदोलन का समर्थन कर रहे Sonam Wangchuk ने कहा है कि यदि केंद्र सरकार यह स्पष्ट आश्वासन देती है कि आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे।
उन्होंने यह बात केंद्रीय मंत्री JP Nadda और Jitendra Singh को लिखे एक पत्र में कही। दोनों नेताओं ने मंगलवार को Gurugram के Medanta Hospital में उनसे मुलाकात की थी।
मंत्रियों का जताया आभार
अपने पत्र में Sonam Wangchuk ने दोनों केंद्रीय मंत्रियों का अस्पताल आकर मुलाकात करने और अनशन समाप्त करने की अपील करने के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने लिखा कि बातचीत के दौरान सरकार की ओर से दो प्रमुख मुद्दों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया गया।
इनमें शामिल हैं—
- NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा।
- संसद में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सार्थक चर्चा, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे के मुद्दे पर भी विचार शामिल हो।
‘एक भरोसा और चाहिए’
हालांकि Sonam Wangchuk ने कहा कि अनशन समाप्त करने से पहले उन्हें सरकार से एक और स्पष्ट आश्वासन चाहिए।
उन्होंने लिखा,”मैं सरकार से स्पष्ट और बिना किसी शर्त के यह आश्वासन चाहता हूं कि इस आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र या प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उनका एकमात्र ‘अपराध’ एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग करना है।”
उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार ऐसा आश्वासन देती है तो वह विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त कर देंगे। लेकिन यदि ऐसा नहीं होता है तो उन्हें अपनी भूख हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रखने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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पुलिस कार्रवाई पर भी जताई चिंता
Sonam Wangchuk ने अपने पत्र में उम्मीद जताई कि आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक पुलिस बल का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
उन्होंने 20 जुलाई को निकाले गए ‘Chalo Sansad’ मार्च का उल्लेख करते हुए दावा किया कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, बावजूद इसके प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा पुलिस कार्रवाई की गई।
उन्होंने सरकार से अपील की कि आंदोलन में शामिल छात्रों और अन्य लोगों के खिलाफ किसी प्रकार के मुकदमे या उत्पीड़न की कार्रवाई न की जाए।
‘मैं जीना चाहता हूं, लेकिन छात्रों की कीमत पर नहीं’

अपने पत्र में Sonam Wangchuk ने लिखा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने की अपील की है।
उन्होंने भावुक शब्दों में कहा,”मैं जीना चाहता हूं। मैं अपने छात्रों, शिक्षा और अपने जीवन के मिशन में वापस लौटना चाहता हूं। लेकिन मैं ऐसा उन युवाओं की कीमत पर नहीं कर सकता, जिनके लिए यह आंदोलन शुरू हुआ।”
गौरतलब है कि Sonam Wangchuk पिछले 25 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें Safdarjung Hospital से छुट्टी मिलने के पश्चात Medanta Hospital, Gurugram में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार रात केंद्रीय मंत्रियों ने उनसे मुलाकात की।

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