Connect with us

World News

Dubai की नई उड़ान पाबंदियों से भारतीय Airlines पर संकट, कमाई पर बड़ा असर तय

ईरान संकट के बीच दुबई ने विदेशी एयरलाइंस पर लगाई सीमा, इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट को भारी नुकसान की आशंका

Published

on

दुबई की फ्लाइट पाबंदियों से भारतीय एयरलाइंस को झटका, ईरान संकट के बीच बढ़ी चिंता
दुबई एयरपोर्ट पर लगी नई पाबंदियों से भारतीय एयरलाइंस की उड़ानें प्रभावित

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब India की एविएशन इंडस्ट्री पर साफ दिखाई देने लगा है। दुबई द्वारा हाल ही में लागू की गई नई उड़ान पाबंदियों ने भारतीय एयरलाइंस की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी कंपनियों को इससे भारी राजस्व नुकसान झेलना पड़ सकता है।

दरअसल, अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के चलते Dubai ने विदेशी एयरलाइंस के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत 31 मई तक हर एयरलाइन को केवल एक ही दैनिक उड़ान संचालित करने की अनुमति दी गई है। यह नियम दुबई इंटरनेशनल (DXB) और अल मकतूम (DWC) दोनों एयरपोर्ट पर लागू होगा।

गौरतलब है कि दुबई भारतीय यात्रियों के लिए सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हब्स में से एक है। पिछले साल करीब 19 लाख भारतीय यात्री दुबई के एयरपोर्ट्स से होकर गुजरे थे। ऐसे में यह नई पाबंदी सीधे तौर पर भारतीय एयरलाइंस के बिजनेस को प्रभावित करेगी।

इस बीच, फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने सरकार से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि ये पाबंदियां विदेशी एयरलाइंस पर लागू हैं, लेकिन दुबई की अपनी एयरलाइंस को इससे बाहर रखा गया है, जो कि अनुचित प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देता है। FIA ने सरकार को सुझाव दिया है कि यदि जरूरत पड़े तो जवाबी कार्रवाई भी की जाए।

स्थिति और भी गंभीर इसलिए हो जाती है क्योंकि भारतीय एयरलाइंस पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रही हैं। बढ़ती ईंधन कीमतें और पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद होने के कारण लंबा रूट अपनाने की मजबूरी ने ऑपरेशन लागत बढ़ा दी है।

उदाहरण के तौर पर, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अप्रैल-मई के दौरान दुबई के लिए 750 से ज्यादा उड़ानें शेड्यूल की थीं, जबकि इंडिगो की 480 से ज्यादा उड़ानें निर्धारित थीं। नई पाबंदियों के चलते इन सभी प्लान्स पर बड़ा असर पड़ सकता है।

दुबई की फ्लाइट पाबंदियों से भारतीय एयरलाइंस को झटका, ईरान संकट के बीच बढ़ी चिंता


इंडिगो ने भी माना है कि मिडिल ईस्ट संकट और दुबई की पाबंदियों ने उनके ऑपरेशंस को काफी हद तक सीमित कर दिया है। एयरलाइन के अनुसार, उनकी समर शेड्यूल में रोजाना 15 उड़ानों की योजना थी, जो अब संभव नहीं है।

कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम भारतीय एविएशन सेक्टर के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। आने वाले दिनों में सरकार और एयरलाइंस के फैसले तय करेंगे कि इस संकट से कैसे निपटा जाएगा।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *