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भारत के परमाणु हथियारों की संख्या 190 पहुंची, SIPRI रिपोर्ट ने बढ़ाई वैश्विक चर्चा

SIPRI की नई रिपोर्ट में भारत के परमाणु जखीरे में बढ़ोतरी का दावा, पहली बार शांतिकाल में कुछ परमाणु हथियार तैनात रखने की भी चर्चा।

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SIPRI रिपोर्ट के अनुसार भारत के परमाणु हथियारों की संख्या बढ़कर 190 हुई, वैश्विक सुरक्षा और सामरिक संतुलन पर फिर शुरू हुई चर्चा।

दुनिया में बढ़ती भू-राजनीतिक चुनौतियों और सुरक्षा चिंताओं के बीच भारत के परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर एक नई रिपोर्ट चर्चा में है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत के पास अब लगभग 190 परमाणु हथियार (Nuclear Warheads) हैं। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में कुछ अधिक बताई गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अपने परमाणु प्रतिरोधक क्षमता (Nuclear Deterrence Capability) को लगातार मजबूत करने की दिशा में काम किया है। इसमें लंबी दूरी की मिसाइलों, समुद्री आधारित प्रणालियों और आधुनिक डिलीवरी प्लेटफॉर्म का विकास भी शामिल है।

पहली बार शांतिकाल में तैनाती की चर्चा

SIPRI की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत ने पहली बार लगभग 12 परमाणु हथियारों को शांतिकाल (Peacetime) के दौरान तैनात रखा है। रिपोर्ट के अनुसार, यह भारत की उस पारंपरिक नीति से अलग माना जा रहा है, जिसमें आमतौर पर परमाणु हथियारों और उन्हें ले जाने वाली प्रणालियों को अलग-अलग रखा जाता था।

और भी पढ़ें : भारत पर फिर टैरिफ की तैयारी में Trump ! ‘फोर्स्ड लेबर’ के आरोपों के बीच अमेरिका का बड़ा कदम

हालांकि भारत सरकार ने इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। रक्षा और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि परमाणु सुरक्षा से जुड़ी कई जानकारियां गोपनीय रखी जाती हैं और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं अपने आकलन के आधार पर रिपोर्ट तैयार करती हैं।

दुनिया में किसके पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियार?

वैश्विक स्तर पर रूस और अमेरिका अब भी सबसे बड़े परमाणु हथियार संपन्न देश बने हुए हैं। दोनों देशों के पास दुनिया के कुल परमाणु हथियारों का बड़ा हिस्सा मौजूद है। इनके बाद चीन, फ्रांस, ब्रिटेन, भारत, पाकिस्तान, इजरायल और उत्तर कोरिया जैसे देशों का नाम आता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि एशिया में बढ़ती सामरिक प्रतिस्पर्धा और बदलते सुरक्षा समीकरणों के कारण कई देश अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं।

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भारत की परमाणु नीति क्या कहती है?

भारत लंबे समय से “No First Use” (पहले परमाणु हमला नहीं करने) की नीति का समर्थन करता रहा है। इसका मतलब है कि भारत परमाणु हथियारों का इस्तेमाल केवल जवाबी कार्रवाई में करेगा, यदि उस पर पहले परमाणु हमला किया जाता है।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की परमाणु रणनीति मुख्य रूप से प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।

वैश्विक सुरक्षा पर असर

परमाणु हथियारों को लेकर जारी प्रतिस्पर्धा पर दुनिया भर की नजर बनी हुई है। विश्लेषकों का कहना है कि आधुनिक हथियार प्रणालियों और नई तकनीकों के दौर में परमाणु हथियारों का मुद्दा केवल सैन्य शक्ति का नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता और कूटनीति का भी विषय बन गया है।


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