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फुजैरा हमले पर भारत का कड़ा रुख: “नागरिकों पर हमला बर्दाश्त नहीं”, तुरंत शांति की अपील
यूएई के अहम तेल हब पर हमले में तीन भारतीय घायल, भारत ने कूटनीतिक समाधान और सुरक्षित व्यापार मार्ग की मांग दोहराई
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने यूएई के फुजैरा पोर्ट पर हुए हमले को लेकर सख्त प्रतिक्रिया दी है। भारत ने इस घटना को “अस्वीकार्य” बताते हुए तुरंत हिंसा रोकने और शांति बहाल करने की अपील की है। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, जिससे भारत की चिंता और बढ़ गई है।
यह हमला यूएई के अहम तेल निर्यात केंद्र फुजैरा में हुआ, जो खाड़ी क्षेत्र का एक रणनीतिक ऊर्जा हब माना जाता है। खास बात यह है कि यह पोर्ट तेल निर्यात के लिए Strait of Hormuz पर निर्भरता कम करता है, जिससे इसकी अहमियत और बढ़ जाती है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपने बयान में कहा कि नागरिकों और सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। भारत ने साफ किया कि वह इस पूरे मामले का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए चाहता है।
भारत ने यह भी जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार Strait of Hormuz के जरिए व्यापार और जहाजरानी बिना किसी बाधा के जारी रहनी चाहिए। यह मार्ग भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से पूरा करता है।
अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने भी तुरंत सक्रियता दिखाते हुए स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर घायलों के इलाज और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की है।
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इस हमले को व्यापक क्षेत्रीय तनाव का हिस्सा माना जा रहा है, जहां हाल के दिनों में ईरान और खाड़ी देशों के बीच हालात फिर से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, हमले के दौरान कई मिसाइल और ड्रोन सिस्टम को इंटरसेप्ट किया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव बढ़ता है, तो इसका असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और भारत जैसे देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
उदाहरण के तौर पर, अगर तेल सप्लाई बाधित होती है, तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सीधा असर देखने को मिल सकता है। इसलिए भारत लगातार शांति और स्थिरता की वकालत कर रहा है।
यूएई में करीब 35 लाख भारतीय रहते हैं, जो वहां की सबसे बड़ी प्रवासी आबादी है। ऐसे में भारत के लिए वहां की सुरक्षा स्थिति बेहद अहम है।
कुल मिलाकर, भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी तरह के हिंसक टकराव के खिलाफ है और क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है।
