Connect with us

International News

Iran के 1,000 किलो विस्फोटक वाले Missiles अब यह सिर्फ जंग नहीं, पूरी इमारतें ज़मींदोज़ करने की ताकत है

छोटे Drone Swarms से अब भारी Ballistic Missiles तक — Iran की रणनीति में आया बड़ा बदलाव, Middle East में खतरे का एक नया अध्याय शुरू

Published

on

Iran के 1,000 किलो Warhead Missiles — Middle East में युद्ध का नया और खतरनाक चरण | Dainik Diary
Iran के 1,000 किलोग्राम विस्फोटक क्षमता वाले Ballistic Missiles ने Middle East में युद्ध की तस्वीर बदल दी है — छोटे drones की जगह अब भारी missiles ले रहे हैं जो पूरी इमारतें और underground bunkers तबाह कर सकते हैं।

कुछ साल पहले तक Iran की पहचान थी — सैकड़ों छोटे drones, हल्के warheads और swarm tactics यानी एक साथ इतने हथियार दागो कि दुश्मन की defense system थक जाए। लेकिन 2026 के इस युद्ध ने साफ कर दिया है कि Iran की सोच बदल चुकी है। अब वह “तंग” नहीं करना चाहता — वह “मिटाना” चाहता है।

28 फरवरी 2026 को America और Israel ने Operation Epic Fury के तहत Iran पर हमला किया। इस हमले में Iran के Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei समेत कई बड़े नेता मारे गए। जवाब में Iran ने जो किया — वह दुनिया के रक्षा विशेषज्ञों को चौंका गया। Iran ने इस बार सिर्फ drones नहीं दागे — उसने 1,000 किलोग्राम विस्फोटक क्षमता वाले ballistic missiles उतारे।

1,000 किलो का मतलब समझिए

आम इंसान के लिए यह संख्या शायद एक आँकड़ा हो। लेकिन रक्षा विशेषज्ञों के लिए यह एक बड़े बदलाव का संकेत है।

और भी पढ़ें : ईरान की आक्रामक कार्रवाई पर सऊदी अरब भड़का, खाड़ी देशों की संप्रभुता के उल्लंघन पर कड़ी चेतावनी

पहले Iran के missiles में 450 से 600 किलोग्राम का warhead होता था। यह एक इमारत को बुरी तरह नुकसान पहुँचा सकता था। लेकिन 1,000 किलोग्राम का warhead? यह पूरी fortified building को ज़मींदोज़ कर सकता है, underground bunkers को तबाह कर सकता है और किसी oil refinery जैसी critical infrastructure को पूरी तरह नष्ट कर सकता है।

एक रक्षा विशेषज्ञ ने इसे इस तरह समझाया — “हम अब ‘saturation’ logic से दूर जा रहे हैं जहाँ सैकड़ों छोटे drones swarm करते थे। अब ‘precision-heavy’ logic आ गया है। वे अब सिर्फ निशाना लगाना नहीं चाहते — वे उसे मिटाना चाहते हैं।”

Khorramshahr-4 — Iran का सबसे खतरनाक हथियार

इस युद्ध में Iran ने Khorramshahr-4 missile का इस्तेमाल किया जो 1,800 किलोग्राम तक का warhead ले जा सकती है और 1,000 से 2,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है। IRGC ने इस missile से Tel Aviv, Ben Gurion Airport और एक Israeli air base को निशाना बनाया। कई जगहों पर आग और नुकसान की खबरें आईं।

इसके अलावा Iran ने cluster munitions का भी इस्तेमाल किया। ये warheads ऊँचाई पर फटते हैं और 20 से 24 छोटे bomblets बिखेरते हैं जो रात को आसमान में orange fireballs की तरह दिखते हैं। Israel के Iron Dome के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई क्योंकि यह system इन बिखरे हुए bomblets को रोकने के लिए नहीं बनाया गया था।

500 Missiles, 2,000 Drones — Iran ने झोंकी पूरी ताकत

अमेरिकी Admiral Brad Cooper ने बताया कि Iran ने इस conflict में अब तक 500 से ज़्यादा ballistic missiles और 2,000 से ज़्यादा drones दागे हैं। 28 फरवरी को अकेले एक दिन में 170 ballistic missiles Israel और Gulf में अमेरिकी ठिकानों पर दागे गए।

Iran ने कम से कम 6 देशों को निशाना बनाया — Jordan, Qatar, Kuwait, Bahrain, UAE और Israel। Bahrain की state oil company Bapco को अपनी refinery पर ईरानी हमले के बाद force majeure घोषित करनी पड़ी। UAE के Fujairah में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। Bahrain के Sitra में कम से कम 32 नागरिक — जिनमें बच्चे भी शामिल थे — ईरानी drone हमले में घायल हुए।

Iran के 1,000 किलो Warhead Missiles — Middle East में युद्ध का नया और खतरनाक चरण | Dainik Diary


America-Israel ने Iran की missile क्षमता कितनी घटाई?

America का दावा है कि पहले हमले में ही Iran की 50% missile capability खत्म कर दी गई। New York Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक Israeli airstrikes ने Iran के लगभग 200 ballistic missile launchers तबाह किए और दर्जनों को नुकसान पहुँचाया — यानी Iran के operational launcher fleet का करीब आधा हिस्सा।

लेकिन Iran की असली ताकत उसकी underground storage tunnels और hidden launch sites में है। रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि Iran ने अपने missile program को बड़े पैमाने पर ज़मीन के नीचे छुपाया हुआ है — जो किसी भी हमले के बाद भी surviving capability बनाए रखती है।

इससे पहले जून 2025 की 12-दिन की लड़ाई के बाद Iran के पास करीब 2,500 missiles बचे थे। Israeli military का अनुमान था कि अगर Iran का missile production जारी रहता तो 2027 तक उसके पास 8,000 ballistic missiles हो सकते थे।

यह सिर्फ युद्ध नहीं, एक संदेश है

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 1,000 किलोग्राम warheads का इस्तेमाल सिर्फ सैन्य रणनीति नहीं है — यह एक psychological और diplomatic संदेश भी है। Iran कह रहा है कि उसके पास अब “quantity” के साथ-साथ “quality” भी है। वह यह दिखाना चाहता है कि America और Israel की किसी भी large-scale ground या air campaign का जवाब देने की उसके पास पूरी क्षमता है।

Middle East की इस जंग में हर गुजरता दिन एक नई परत उघाड़ रहा है। Iran के 1,000 किलो के missiles ने साबित कर दिया है कि यह युद्ध जितना सोचा गया था, उससे कहीं ज़्यादा जटिल और खतरनाक है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *