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Iran की सैन्य ताकत फिर से तेजी से खड़ी हो रही है: ड्रोन उत्पादन शुरू, पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ी
US-Israel हमलों के बाद कमजोर हुई क्षमता को तेहरान तेजी से कर रहा है पुनर्निर्मित, छह महीने में ड्रोन ताकत बहाल होने की आशंका
मध्य पूर्व में एक बार फिर सुरक्षा समीकरण बदलते दिख रहे हैं, क्योंकि रिपोर्ट्स के अनुसार Iran अपनी सैन्य क्षमता को उम्मीद से कहीं तेज गति से फिर से खड़ा कर रहा है। अमेरिकी मीडिया चैनल CNN की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हाल ही में हुए US-Israel हमलों से जो नुकसान हुआ था, उसे तेहरान तेजी से भर रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने न केवल मिसाइल लॉन्च सिस्टम और सैन्य ठिकानों की मरम्मत शुरू कर दी है, बल्कि उसने अपनी महत्वपूर्ण drone production lines को भी फिर से चालू कर दिया है। ड्रोन को ईरान की सबसे प्रभावी सैन्य तकनीक माना जाता है, खासकर हाल के संघर्षों में।
सूत्रों के अनुसार, ईरान की लगभग 50 प्रतिशत ड्रोन क्षमता अभी भी सक्रिय बनी हुई है। इसका मतलब है कि भारी नुकसान के बावजूद देश ने अपनी सैन्य क्षमता का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षित रखा है।
अमेरिकी खुफिया आकलन के मुताबिक, ईरान छह महीने के भीतर अपनी ड्रोन अटैक क्षमता को लगभग पूरी तरह बहाल कर सकता है। एक अमेरिकी अधिकारी ने यहां तक कहा कि ईरान ने पुनर्निर्माण की सभी समय-सीमाओं को पीछे छोड़ दिया है।
इस पर टिप्पणी करते हुए अधिकारी ने कहा, “The Iranians have exceeded all timelines the Intelligence Community had for reconstitution.” यह बयान पश्चिमी देशों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
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रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि Israel और खाड़ी देशों की पहुंच अभी भी ईरानी मिसाइल और ड्रोन रेंज में बनी हुई है। हालांकि मिसाइल उत्पादन क्षमता को नुकसान पहुंचा है, लेकिन ईरान अब तेजी से ड्रोन युद्ध रणनीति पर फोकस कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव क्षेत्रीय सैन्य रणनीति को पूरी तरह बदल सकता है। उदाहरण के तौर पर, जैसे कुछ देशों ने पारंपरिक युद्ध के बजाय cyber warfare और remote technology पर ध्यान केंद्रित किया है, वैसे ही ईरान अब कम लागत वाले लेकिन प्रभावी ड्रोन सिस्टम पर निर्भर हो रहा है।

इस बीच कूटनीतिक हालात भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति समझौते को लेकर बातचीत अभी भी गतिरोध में है। इसी संदर्भ में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बयान दिया कि वह ईरान पर नए हमले शुरू करने से केवल “एक घंटे” दूर थे, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
विश्लेषकों का कहना है कि अगर यह सैन्य पुनर्निर्माण इसी गति से चलता रहा, तो आने वाले महीनों में ईरान फिर से क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
फिलहाल स्थिति यह है कि एक तरफ कूटनीति की कोशिशें जारी हैं, तो दूसरी तरफ सैन्य तैयारियां तेजी से बढ़ रही हैं—जो पूरे मध्य पूर्व को एक बार फिर अनिश्चितता की ओर ले जा सकती हैं।
