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Parthiban ने दूसरी बार माँगी माफी — जाति टिप्पणी पर बोले “ज़ुबान फिसल गई थी, दिल में कोई मैल नहीं था”

Tamil actor-director Radhakrishnan Parthiban का जाति विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा — Audio के बाद अब लिखित माफी, लेकिन आलोचक अभी भी संतुष्ट नहीं।

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Parthiban की दूसरी माफी — जाति टिप्पणी पर बोले "ज़ुबान फिसली थी", Pa Ranjith के मंच से तुलना पर घिरे
Tamil actor-director Radhakrishnan Parthiban ने Ustaad Bhagat Singh event में जाति टिप्पणी के बाद Audio और लिखित — दोनों रूपों में माफी माँगी, लेकिन विवाद अभी शांत नहीं हुआ।

कभी-कभी एक पल में बोला गया एक वाक्य किसी के लंबे करियर पर भारी पड़ जाता है। Tamil film industry के जाने-माने actor-director Radhakrishnan Parthiban इन दिनों ऐसे ही एक विवाद के बीच हैं। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उनके मुँह से निकले कुछ शब्दों ने ऐसी आग लगाई कि उन्हें दो बार — पहले Audio में, फिर लिखित रूप में — माफी माँगनी पड़ी।

क्या हुआ था Ustaad Bhagat Singh Event में?

मामले की शुरुआत हुई जब एक video clip सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इस clip में Parthiban एक सार्वजनिक कार्यक्रम में खुद का परिचय देते हुए कह रहे थे — “मैं Radhakrishnan Parthiban हूँ, एक Naidu लड़का।” साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी Telugu पृष्ठभूमि ने Tamil भाषा पर उनकी पकड़ को मज़बूत बनाने में मदद की।

सुनने में यह बात सामान्य लग सकती है। लेकिन जिस संदर्भ में यह बात कही गई और जिस तरह से जाति का नाम लिया गया — उसने विवाद खड़ा कर दिया। खासतौर पर तब, जब Parthiban खुद anti-caste विचारों के लिए जाने जाते हैं।

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Pa Ranjith के कार्यक्रम से तुलना ने बढ़ाई मुश्किल

आलोचकों ने याद दिलाया कि Parthiban ने कुछ समय पहले Pa Ranjith के Neelam Cultural Centre द्वारा आयोजित Margazhiyil Makkal Isai festival में जाति-विरोधी मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। एक तरफ जाति-विरोधी मंच पर खड़े होना और दूसरी तरफ सार्वजनिक रूप से जाति का नाम लेकर खुद की पहचान बताना — यही विरोधाभास लोगों को खला।

इसी तरह का विरोधाभास तब भी देखा गया था जब कुछ बरस पहले एक मशहूर Bollywood निर्देशक ने दलित अधिकारों पर भाषण दिया और बाद में उनकी अपनी फिल्मों में जातिवादी रूढ़ियाँ पकड़ी गईं। जनता की नज़र में जो कहा जाता है और जो किया जाता है — दोनों के बीच की खाई बड़ी महंगी पड़ती है।

पहले Audio, फिर लिखित माफी

विवाद बढ़ता देख Parthiban ने पहले एक Audio message जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी अनजाने में हुई और उनका इरादा किसी को ठेस पहुँचाने का नहीं था। उन्होंने समझ और माफी की अपील की।

लेकिन एक दिन बाद उन्होंने एक लिखित बयान भी जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि वे छोटी-बड़ी हर गलती को तुरंत सुधारने में विश्वास रखते हैं, इसीलिए उन्होंने अपनी बात को “revise और repost” किया। उन्होंने साफ किया कि उनके लंबे करियर में यह पहली बार था जब उनके मुँह से किसी जाति का नाम निकला — और यह “ज़ुबान की फिसलन” थी, न कि मन का भाव।

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“मैं खुद जाति-गौरव का विरोधी हूँ”

Parthiban ने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्होंने अपनी कई फिल्मों और सार्वजनिक मंचों पर जाति-आधारित गौरव की आलोचना की है। उनका सवाल था — “क्या मैं वह काम करूँगा जिसका मैं खुद विरोध करता हूँ?” उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे अपनी प्रतिभा के बल पर जीते हैं और जाति के नाम पर कभी कोई फायदा नहीं उठाना चाहते — जानबूझकर तो बिल्कुल नहीं।

उन्होंने उन सभी लोगों से दिल से माफी माँगी जो इस बयान से आहत हुए और वादा किया कि आगे ऐसी गलती नहीं होगी। साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से आग्रह किया कि वे इस प्रकरण को पीछे छोड़ें और आगे बढ़ें।

विवाद और माफी — क्या काफी है?

यह सवाल हमेशा से उठता रहा है कि माफी माँगना काफी होता है या नहीं। खासतौर पर तब, जब वह शख्स जाति-विरोधी विचारों का झंडाबरदार माना जाता हो। Rajinikanth से लेकर कई बड़े Tamil सितारों तक — सभी के बयान समय-समय पर विवादों में घिरते रहे हैं। लेकिन Parthiban का यह मामला इसलिए अलग है क्योंकि यह उनकी अपनी वैचारिक पहचान से जुड़ा है।

Parthiban को Tamil cinema में एक ऐसे निर्माता के रूप में जाना जाता है जो प्रयोगधर्मी और सामाजिक रूप से सजग फिल्में बनाते हैं। Inaindha Kaigal, Housefull और Oththa Seruppu Size 7 जैसी फिल्मों ने उन्हें एक विशेष दर्जा दिलाया है। ऐसे में उनकी इस “फिसलन” को दर्शक और आलोचक दोनों एक साथ माफ करने के मूड में नहीं दिखते।

अब देखना यह है कि Parthiban की यह दोहरी माफी उनके आलोचकों का दिल जीत पाती है या नहीं — और क्या यह विवाद यहीं थमता है।