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Trump-Xi Jinping समिट से पहले अमेरिका का बड़ा बयान! कहा “चीन हमारा सबसे अहम पार्टनर”
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चीन को अमेरिका की सबसे बड़ी Geopolitical Challenge बताते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्तों को संभालना दुनिया की शांति के लिए बेहद जरूरी है।
अमेरिका और चीन के बीच जारी वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच एक बड़ा कूटनीतिक बयान सामने आया है। Marco Rubio ने चीन को अमेरिका का “सबसे महत्वपूर्ण रिश्ता” बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेद जरूर हैं, लेकिन इन्हें संभालना दुनिया की स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है।
रुबियो यह बयान ऐसे समय में दे रहे हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ महत्वपूर्ण शिखर वार्ता करने वाले हैं।
दो दिन की चीन यात्रा पर ट्रंप के साथ पहुंचे रुबियो ने Fox News को दिए इंटरव्यू में कहा,
“चीन अमेरिका के लिए सबसे बड़ी भू-राजनीतिक चुनौती है, लेकिन यही रिश्ता सबसे महत्वपूर्ण भी है।”
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“टकराव भी होगा, सहयोग भी”
रुबियो ने साफ कहा कि चीन एक बड़ी और ताकतवर अर्थव्यवस्था है और आने वाले समय में उसका प्रभाव और बढ़ेगा। ऐसे में दोनों देशों के हित कई मुद्दों पर टकरा सकते हैं।
उन्होंने कहा,
“कुछ क्षेत्रों में हमारे हित आपस में टकराएंगे, लेकिन कई जगह सहयोग की संभावनाएं भी हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम उन अवसरों को खो न दें।”

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका अब चीन को केवल प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि एक ऐसी शक्ति के तौर पर देख रहा है जिसके साथ संतुलन बनाना जरूरी है।
ताइवान मुद्दे पर भी हो सकती है चर्चा
रुबियो ने संकेत दिए कि ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक में Taiwan का मुद्दा भी उठ सकता है।
चीन लंबे समय से ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान खुद को एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक इकाई के रूप में देखता है। यही मुद्दा दोनों देशों के बीच तनाव की सबसे बड़ी वजहों में से एक माना जाता है।
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि अगर ताइवान को लेकर तनाव बढ़ता है तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है।
ईरान युद्ध पर चीन से मदद की अपील
मार्को रुबियो ने चीन से ईरान को लेकर भी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि चीन को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi पर दबाव बनाना चाहिए ताकि क्षेत्र में तनाव कम हो सके।
रुबियो ने आरोप लगाया कि ईरान Strait of Hormuz में जहाजों को निशाना बनाकर खुद को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग कर रहा है।
उन्होंने कहा,
“आप लोग जहाजों को उड़ाकर दुनिया में खुद को गलत साबित कर रहे हैं।”
दरअसल, ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के हमलों के जवाब में Strait of Hormuz पर अपनी पकड़ मजबूत कर दी है। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई गुजरती है।
चीन की भूमिका क्यों अहम मानी जा रही है?
चीन लंबे समय से ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार रहा है। अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद चीन ने ईरान के साथ व्यापार जारी रखा।
यही वजह है कि वॉशिंगटन अब बीजिंग से उम्मीद कर रहा है कि वह ईरान पर दबाव बनाए और मध्य पूर्व में हालात सामान्य करने में मदद करे।
दुनिया की नजरें ट्रंप-शी बैठक पर
वैश्विक राजनीति के मौजूदा माहौल में ट्रंप और शी जिनपिंग की यह मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है। व्यापार, ताइवान, ईरान युद्ध और वैश्विक अर्थव्यवस्था जैसे कई मुद्दों पर दुनिया की नजरें इस समिट पर टिकी हुई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दोनों देश किसी साझा रास्ते पर सहमत होते हैं तो इससे दुनिया में बढ़ते तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
