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ईरान ने कतर के LNG प्लांट पर दागी मिसाइल, Donald Trump की चेतावनी “अब इज़राइल नहीं करेगा हमला, लेकिन अगर कतर पर फिर हमला हुआ तो…”

इज़राइल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर बमबारी की, ईरान ने बदला लेते हुए कतर, सऊदी अरब, UAE और कुवैत पर हमला किया — दुनिया में तेल-गैस का भारी संकट, कच्चे तेल की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल पार

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ईरान ने कतर के LNG प्लांट पर हमला किया, ट्रंप बोले — 'दोबारा हमला हुआ तो साउथ पार्स उड़ा देंगे' | Dainik Diary
ईरान के मिसाइल हमले से कतर के रास लफान LNG प्लांट में लगी आग — ट्रंप ने इज़राइल को रोका, लेकिन खुद अमेरिका की ओर से दी कड़ी चेतावनी।

नई दिल्ली/दोहा। मध्य पूर्व में जंग अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गई है। इज़राइल ने दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडार — ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड — पर हमला कर दिया। इसके जवाब में ईरान ने कतर के रास लफान LNG टर्मिनल पर मिसाइलें दागीं — वही जगह जहाँ से दुनिया की एक बड़ी हिस्सेदारी का तरलीकृत प्राकृतिक गैस निर्यात होता है।

और इस पूरे घटनाक्रम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान आया — जो जितना शांत करने वाला लगा, उतना ही धमकी भरा भी था।

इज़राइल का हमला — ट्रंप बोले “मुझे पता नहीं था”

ट्रंप ने अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर लिखा कि इज़राइल ने “गुस्से में” साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया — और अमेरिका को इस हमले के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि कतर का इस हमले से कोई लेना-देना नहीं था।

और भी पढ़ें  : “ईरान युद्ध इज़रायल के दबाव में शुरू हुआ” Trump के सबसे बड़े आतंकवाद-रोधी अधिकारी Joe Kent ने दे दिया इस्तीफा

लेकिन यह दावा विवादों में घिर गया। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रंप को इज़राइल के साउथ पार्स हमले की योजना पहले से पता थी और उन्होंने इसे मंजूरी भी दी थी। यानी जनता को कुछ और बताया जा रहा है और पर्दे के पीछे कुछ और हो रहा है।

ईरान का पलटवार — कतर, सऊदी, UAE, कुवैत सब निशाने पर

इज़राइल के हमले का जवाब ईरान ने देर नहीं लगाई। ईरान ने कतर के रास लफान औद्योगिक शहर पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे दुनिया के सबसे बड़े LNG निर्यात परिसर को भारी नुकसान हुआ। इसके अलावा ईरान ने सऊदी अरब की एक तेल रिफाइनरी, UAE के हब्शान गैस सुविधा और बाब ऑयलफील्ड, और कुवैत की ऊर्जा सुविधाओं पर भी हमले किए।

कतर के लिए यह एक बड़ा झटका था — कतर, जो दुनिया के सबसे बड़े LNG उत्पादकों में से एक है, को ईरानी हमलों के बाद अपना पूरा गैस उत्पादन रोकना पड़ा।

ईरान ने कतर के LNG प्लांट पर हमला किया, ट्रंप बोले — 'दोबारा हमला हुआ तो साउथ पार्स उड़ा देंगे' | Dainik Diary


ट्रंप की खुली धमकी — “पूरा साउथ पार्स उड़ा देंगे”

ट्रंप ने Truth Social पर साफ लिखा — “इज़राइल साउथ पार्स पर अब कोई हमला नहीं करेगा। लेकिन अगर ईरान ने कतर पर दोबारा हमला किया, तो अमेरिका — इज़राइल की मदद से या बिना उसके — साउथ पार्स गैस फील्ड को पूरी तरह तबाह कर देगा, उस ताकत से जो ईरान ने पहले कभी नहीं देखी।”

यह धमकी कितनी गंभीर है? साउथ पार्स दुनिया का सबसे बड़ा ज्ञात प्राकृतिक गैस भंडार है — करीब 1,800 ट्रिलियन क्यूबिक फीट। यह ईरान की ऊर्जा जरूरतों का लगभग 80 प्रतिशत पूरा करता है। इसे तबाह करने का मतलब होगा ईरान को अंधेरे और ठंड में धकेल देना — करोड़ों आम नागरिकों की बुनियादी ज़रूरतें छीन लेना।

ट्रंप ने खुद लिखा — “मैं इस स्तर की हिंसा और तबाही को अधिकृत नहीं करना चाहता, क्योंकि इसके ईरान के भविष्य पर दीर्घकालिक प्रभाव होंगे — लेकिन अगर कतर के LNG पर दोबारा हमला हुआ, तो मैं हिचकिचाऊँगा नहीं।”

तेल की कीमत आग में, भारत पर सीधा असर

आज कच्चे तेल की वैश्विक कीमत 115-116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई। सोचिए — कुछ हफ्ते पहले यह 67 डॉलर थी। यानी महज तीन हफ्तों में कीमत लगभग दोगुनी हो गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि कतर के LNG संयंत्रों को हुए नुकसान को देखते हुए जून-जुलाई से पहले गैस निर्यात शुरू होना लगभग असंभव है। इसका असर भारत पर सीधा पड़ेगा — रसोई गैस से लेकर बिजली तक, खाद से लेकर ट्रांसपोर्ट तक।

कतर का गुस्सा — ईरानी राजनयिकों को 24 घंटे में निकाला

हमलों के बाद कतर ने कड़ा कदम उठाते हुए ईरानी दूतावास के सैन्य और सुरक्षा अताशे और उनके दफ्तर के कर्मचारियों को 24 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दे दिया। यह कदम बताता है कि यह जंग अब सिर्फ ईरान-इज़राइल-अमेरिका की नहीं रही — पूरा खाड़ी क्षेत्र इसकी चपेट में आ गया है।

यह सिर्फ जंग नहीं, ऊर्जा महायुद्ध है

जब दुनिया का सबसे बड़ा गैस भंडार और सबसे बड़ा LNG निर्यात केंद्र दोनों एक साथ निशाने पर हों — तो यह सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं रहती। यह पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा पर हमला है। और जब तक यह आग नहीं बुझती, हर देश — चाहे वह भारत हो, यूरोप हो या एशिया — इसकी गर्मी महसूस करता रहेगा।

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