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तेहरान पर अमेरिकी‑इजरायली हमले में ईरान के खुफिया प्रमुख माजिद Khademi की मौत, तनाव बढ़ा
IRGC के वरिष्ठ खुफिया अधिकारी की हत्या से मध्य पूर्व संकट और गहरा, तेहरान में गुस्सा फैल रहा है
तेहरान: ईरान के अर्धसैनिक बल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के वरिष्ठ खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की मौत की शनिवार (6 अप्रैल) को पुष्टि की गयी है। IRGC ने बताया कि खादेमी “आंतरिक सुरक्षा और खुफिया कार्यों में दशकों की सेवा करने वाले” अधिकारी थे और उन्हें **अमेरिका और इजरायल की संयुक्त हवाई हमलों में मार दिया गया।”
ईरानी आधिकारिक बयान में उन हमलों को “आपराधिक तथा आतंकवादी हमला” कहा गया, जिसमें खादेमी के साथ साथ कुछ अन्य नागरिक क्षेत्रों पर भी हमले हुए। तेहरान के आसपास के इलाकों में हवाई हमलों की वजह से कई लोग मारे और घायल हुए हैं।
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माजिद खादेमी कौन थे?
माजिद खादेमी IRGC के सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खुफिया अधिकारियों में से एक माने जाते थे। उन्हें 2025 में IRGC के खुफिया संगठन का प्रमुख नियुक्त किया गया था, जब उनके पूर्ववर्ती को पहले के संघर्षों में मारा गया था। खादेमी ने खुफिया और सुरक्षा के क्षेत्र में लगभग 50 वर्ष तक काम किया था और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा रणनीतिक रक्षा विज्ञान में उन्नत डिग्रियाँ भी प्राप्त की थीं।
उनके कार्यकाल के दौरान IRGC ने न केवल घर के भीतर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी निगरानी तथा सुरक्षा नीतियों को मजबूत किया था। खादेमी को ईरानी सैन्य और खुफिया वर्ग के सबसे अनुभवी चेहरों में से एक माना जाता था।

हमले का विस्तार और तनाव
बयान के अनुसार यह हमला सुबह के समय हुआ जब तेहरान और उसके आस‑पास कई स्थानों पर हवाई हमले किए गए। इजरायल ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि वह अपने राष्ट्रीय सुरक्षा के लक्ष्यों को पूरा कर रहा है। ऐसे में ईरान‑अमेरिका‑इजरायल तनाव पहले से भी गंभीर रूप से बढ़ चुका है।
ईरान ने यह हमला अपने “आतंकवादी गतिविधियों” को रोकने के प्रयास के रूप में बताया, जबकि पश्चिमी देश इसे एक रणनीतिक कार्रवाई के तौर पर पेश कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य ईरान की युद्ध क्षमता और विश्व भर में उसके प्रभाव को कम करना बताया जा रहा है।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने इस हमले के बाद अमेरिकियों और इजरायली अधिकारियों के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया जारी की है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसे हमले जारी रहे तो यह संघर्ष और बड़ा रूप ले सकता है, और उसका जवाब “सख्त और निर्णायक” होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि खादेमी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की मौत केवल सैन्य प्रशांत रखने वाली कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह संघर्ष को और बढ़ा सकती है और मध्य पूर्व में पहले से जारी संकट को और जटिल बना सकती है।
विश्व राजनीति पर प्रभाव
इस घटना के बाद वैश्विक स्तर पर प्रतिक्रिया देखी जा रही है। कई देशों ने शांत समाधान की अपील की है, जबकि कुछ ने ईरान या अमेरिका‑इजरायल की रणनीतियों पर सवाल उठाए हैं। तेल और ऊर्जा बाजारों में भी हालात अस्थिर हो गए हैं, क्योंकि इन घटनाओं का सीधा प्रभाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल मार्गों पर पड़ता है।
