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Suvendu Adhikari बने Bengal के नए CM और Mamata ने दिया ‘एकता का मंत्र’ Pochishe Boishakh पर Tagore को किया याद
अपने ही पूर्व सहयोगी के शपथ लेने के दिन Mamata Banerjee ने Rabindranath Tagore का संदेश साझा किया — “विभाजन सत्य नहीं, एकता है”
राजनीति के मंच पर कभी-कभी ऐसे पल आते हैं जो इतिहास में दर्ज हो जाते हैं। West Bengal में ऐसा ही एक पल आया जब पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की अपनी पार्टी छोड़ BJP में गए उनके पूर्व सहयोगी Suvendu Adhikari ने Bengal के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली।
और ठीक उसी दिन — Pochishe Boishakh — Mamata Banerjee ने X पर एक बेहद भावपूर्ण संदेश साझा किया — Rabindranath Tagore को याद करते हुए।
Pochishe Boishakh — Tagore का जन्मदिन
Pochishe Boishakh यानी बंगाली कैलेंडर के पहले महीने का 25वाँ दिन — यह दिन Nobel laureate Rabindranath Tagore की जयंती के रूप में मनाया जाता है। बंगाल के लिए यह दिन सिर्फ एक जन्मदिन नहीं — यह बंगाली भाषा, संस्कृति और विरासत के पुनर्जन्म का उत्सव है।
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Mamata का संदेश — विभाजन नहीं, एकता
Mamata Banerjee ने X पर लिखा, “इस पवित्र पचीसे बैशाख के दिन मैं विश्वकवि Gurudev Rabindranath Tagore के चरणों में अनंत प्रणाम अर्पित करती हूँ। उनका जीवन दर्शन हमारी दैनिक यात्रा का शाश्वत प्रकाश है। उन्होंने हमें सिखाया — विभाजन सत्य नहीं, एकता है। आक्रामक राष्ट्रवाद की उत्तेजना से ऊपर उठकर उन्होंने पूरी दुनिया को मानव सभ्यता की एकता का महामंत्र दिया।”

यह शब्द सिर्फ Tagore के लिए नहीं थे — राजनीतिक जानकारों की नज़र में यह उस दिन की परिस्थितियों पर भी एक गहरा comment था।
सहयोगी जो बन गया विरोधी
Suvendu Adhikari कभी Mamata Banerjee के सबसे भरोसेमंद नेताओं में से एक थे। लेकिन बाद में उन्होंने Trinamool Congress छोड़ी, BJP में शामिल हुए और अब Bengal के मुख्यमंत्री बन गए हैं। राजनीति में इसे ही कहते हैं — नाटकीय उलटफेर।
Mamata के लिए यह दिन निश्चित रूप से भावनात्मक रहा होगा — लेकिन उन्होंने Tagore की वाणी से जवाब दिया, जो शायद सबसे सटीक और गरिमामय तरीका था।
Bengal की राजनीति एक नए अध्याय में दाखिल हो गई है — और इस बदलाव की गूँज आने वाले कई सालों तक सुनाई देगी।
