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दुनिया के सबसे नए देश में दवाइयों का गहरा संकट, अस्पताल तबाह होने के बाद लाखों लोग बेहाल
South Sudan में Healthcare System टूटने की कगार पर, 2.5 लाख लोगों के लिए एकमात्र बड़ा अस्पताल हुआ बंद
दुनिया के सबसे नए देश South Sudan में मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। पहले से गरीबी, हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे इस देश में अब दवाइयों और इलाज की भारी कमी ने लाखों लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई इलाकों में लोगों को सामान्य इलाज तक नहीं मिल पा रहा। खास चिंता की बात यह है कि एक बड़े अस्पताल के नष्ट होने के बाद करीब 2.5 लाख लोगों के सामने स्वास्थ्य सेवाओं का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
अस्पताल के खत्म होते ही टूट गई उम्मीद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, MSF (Médecins Sans Frontières) द्वारा संचालित एक अस्पताल क्षेत्र का इकलौता secondary healthcare facility था। यह अस्पताल गंभीर बीमारियों, सर्जरी और इमरजेंसी इलाज जैसी सुविधाएं देता था।
लेकिन अस्पताल के नष्ट होने के बाद अब हजारों परिवार इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के पास अब कई किलोमीटर दूर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
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दवाइयों की भारी कमी
South Sudan में पहले से ही दवाइयों की सप्लाई बेहद सीमित थी। लगातार संघर्ष, खराब सड़कें और आर्थिक संकट के कारण मेडिकल सप्लाई प्रभावित होती रही है।
अब हालात और खराब होते दिखाई दे रहे हैं। कई स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी antibiotics, malaria medicines और बच्चों के इलाज से जुड़ी दवाइयां तक खत्म होने लगी हैं।
स्वास्थ्यकर्मियों के मुताबिक, अगर जल्द मदद नहीं पहुंची तो आने वाले महीनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बच्चों और महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर
विशेषज्ञों का कहना है कि इस संकट का सबसे ज्यादा असर बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है।
कुपोषण, संक्रमण और प्रसव से जुड़ी समस्याओं के इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है। कई इलाकों में पहले ही malnutrition और water-borne diseases तेजी से फैल रही हैं।
मानवीय संगठनों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण छोटी बीमारियां भी गंभीर रूप ले रही हैं।
दुनिया का सबसे नया देश, लेकिन चुनौतियां पुरानी
South Sudan ने साल 2011 में स्वतंत्र देश के रूप में दुनिया के नक्शे पर जगह बनाई थी। लोगों को उम्मीद थी कि आजादी के बाद हालात सुधरेंगे, लेकिन गृह संघर्ष, आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता ने देश की प्रगति को लगातार प्रभावित किया।

आज भी देश के कई हिस्सों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है।
विशेषज्ञ मानते हैं that अगर स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत नहीं हुई, तो आने वाले समय में मानवीय संकट और गहरा सकता है।
International Aid पर टिकी उम्मीद
इस संकट के बीच अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों और मानवीय संगठनों से मदद की अपील की जा रही है।
MSF और अन्य संगठनों का कहना है कि दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और डॉक्टरों की तत्काल जरूरत है।
हालांकि, सुरक्षा और फंडिंग से जुड़ी चुनौतियों के कारण राहत कार्य आसान नहीं माने जा रहे।
लाखों लोगों के सामने मुश्किल भविष्य
South Sudan के कई परिवारों के लिए अस्पताल सिर्फ इलाज की जगह नहीं, बल्कि उम्मीद का केंद्र था।
अब उसके बंद होने के बाद लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि बीमारी या आपात स्थिति में वे आखिर कहां जाएं।
यह संकट सिर्फ एक देश की कहानी नहीं, बल्कि दुनिया के उन हिस्सों की हकीकत भी दिखाता है जहां युद्ध और अस्थिरता सबसे पहले स्वास्थ्य व्यवस्था को कमजोर कर देती है।
