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Donald Trump ने Ukraine Peacekeeper Plan पर लगाई रोक, JD Vance का India Troops वाला प्रस्ताव खारिज

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत को यूक्रेन में शांति मिशन में शामिल करने की योजना को Trump ने Oval Office मीटिंग में ठुकरा दिया था

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अमेरिका में हुई अहम बैठक के दौरान यूक्रेन शांति मिशन पर चर्चा करते हुए विश्व नेता

यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए कई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति योजनाओं पर चर्चा होती रही है, लेकिन इनमें से एक प्रस्ताव ऐसा भी था जिसमें भारत की भूमिका पर विचार किया गया था। हालांकि, यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी क्योंकि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे मंजूरी नहीं दी।

एक नई किताब Regime Change: Inside the Imperial Presidency of Donald Trump के अनुसार, यह प्रस्ताव जनवरी में उस समय सामने आया जब ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में थे। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने सुझाव दिया था कि भारत जैसे देशों की सेनाओं को यूक्रेन में शांति बनाए रखने के लिए “peacekeeping force” के रूप में तैनात किया जा सकता है।

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यह विचार रूस-यूक्रेन युद्ध में संभावित सीजफायर लागू करने की बड़ी रणनीति का हिस्सा था। लेकिन बैठक के दौरान इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई। बताया जाता है कि ट्रंप ने साफ तौर पर कहा कि भारतीय सैनिकों को इस तरह के मिशन में शामिल करना उचित नहीं होगा।

इसी मीटिंग में यह भी चर्चा हुई कि नाटो देशों जैसे ब्रिटेन, फ्रांस और नीदरलैंड की सेनाएं शांति मिशन का हिस्सा बन सकती हैं। यह योजना लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कीथ केलॉग द्वारा तैयार की गई थी।

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हालांकि, इस पर उपराष्ट्रपति वेंस ने आपत्ति जताई। उनका मानना था कि नाटो देशों की सेना को सीधे मैदान में उतारना रूस के साथ तनाव को और बढ़ा सकता है। रूस की ओर से भी पहले ही स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि नाटो सैनिकों की मौजूदगी को वह स्वीकार नहीं करेगा। रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने इसे “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया था।

इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ होता है कि यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए बनाई जा रही रणनीतियों में न केवल सैन्य बल्कि कूटनीतिक संतुलन भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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