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Iran चाहता है Deal लेकिन Trump नहीं मानेंगे — Kharg Island पर बमबारी, Iraq में US Embassy के पास missile गिरी
America और Iran के बीच जंग अब खुलकर सामने आ गई है — तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार, USS Tripoli के साथ 2,500 Marines भी रवाना
Middle East में जंग का धुआँ अब सिर्फ किसी एक देश की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा। America और Iran के बीच यह टकराव अब एक ऐसे मोड़ पर आ गया है जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। तेल बाज़ार में उथलपुथल है, Gulf देशों के आसमान में missiles और drones उड़ रहे हैं, और Donald Trump एक ऐसी deal की बात कर रहे हैं जो उनके मुताबिक वो “कभी नहीं मानेंगे।”
Trump का बड़ा बयान — “Kharg Island को obliterate कर दिया”
US President Donald Trump ने अपने Truth Social account पर लिखा कि American सेना ने Iran के सबसे अहम तेल केंद्र Kharg Island पर सैन्य ठिकानों को “पूरी तरह तबाह” कर दिया है। उन्होंने इसे “Middle East के इतिहास में सबसे शक्तिशाली bombing raids में से एक” करार दिया।
हालाँकि Trump ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने फिलहाल द्वीप पर तेल infrastructure को निशाना नहीं बनाया है। लेकिन साथ में चेतावनी भी दे दी — “अगर Iran या किसी और ने Strait of Hormuz से जहाजों के स्वतंत्र और सुरक्षित गुजरने में कोई बाधा डाली, तो मैं तुरंत इस फैसले पर दोबारा विचार करूँगा।”
दूसरी तरफ Iran की Fars news agency ने बताया कि Kharg Island से घना धुआँ उठता देखा गया है, लेकिन Iranian forces वहाँ अभी भी सक्रिय हैं।
Strait of Hormuz पर US Navy की तैनाती जल्द
जब reporters ने Trump से पूछा कि US Navy कब से Strait of Hormuz में tankers को escort करना शुरू करेगी, तो उन्होंने कहा — “बहुत जल्द, बहुत जल्द।”
Strait of Hormuz वह समुद्री रास्ता है जिससे दुनिया का पाँचवाँ हिस्से का crude oil और liquefied natural gas गुज़रता है। Iranian हमलों की वजह से इस रास्ते से समुद्री यातायात लगभग ठप हो गया है — और यही कारण है कि तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।
USS Tripoli रवाना — 2,500 Marines साथ
The Wall Street Journal और New York Times की रिपोर्ट के मुताबिक Pentagon ने Japan में तैनात amphibious assault ship USS Tripoli को Middle East की तरफ रवाना कर दिया है। इस जहाज के साथ लगभग 2,500 Marines भी हैं। US अधिकारियों ने कथित तौर पर कहा है कि Kharg Island को capture करने का विकल्प भी अब मेज़ पर है। यह बेहद संवेदनशील घटनाक्रम है — क्योंकि Kharg Iran की तेल अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है।
Iraq में US Embassy के पास missile हमला
इस बीच एक और चिंताजनक खबर आई — Iraq में US Embassy के पास स्थित helipad पर missile से हमला हुआ। यह हमला बताता है कि इस जंग की लपटें अब Iraq तक भी फैल रही हैं, जहाँ Iranian समर्थित militia groups काफी सक्रिय हैं।
Tehran में “Death to America” के नारे
जहाँ एक तरफ American बमबारी जारी है, वहीं दूसरी तरफ Tehran में Iran के कई शीर्ष अधिकारी एक बड़ी सरकार-समर्थक rally में शामिल हुए। हाथों में “Death to America” और “Death to Israel” के बैनर लेकर प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। Iran ने जवाब में Israel और Gulf के पड़ोसी देशों पर drones और missiles के नए हमले किए।
Lebanon में भारी तबाही
Lebanon में Israel और Hezbollah के बीच जंग भी थमने का नाम नहीं ले रही। Lebanese स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार दक्षिणी Lebanon में एक primary healthcare centre पर Israeli हमले में कम से कम 12 medical staff की मौत हो गई। Lebanese अधिकारियों के मुताबिक अब तक Iran समर्थित Hezbollah को निशाना बनाने वाले Israeli हमलों में Lebanon में कम से कम 773 लोग मारे जा चुके हैं।

Qatar, Saudi Arabia और Turkey भी चपेट में
यह जंग अब सिर्फ Iran-Israel तक सीमित नहीं रही। Qatar की राजधानी Doha में शनिवार तड़के धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं। Qatar के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनकी सेना ने Gulf देश को निशाना बनाने वाली missiles को intercept कर लिया।
Saudi Arabia के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उनकी सेना ने शुक्रवार को दर्जनों drones मार गिराए। Turkey ने बताया कि NATO forces ने Iran से दागी गई एक ballistic missile को मार गिराया — इस जंग में यह ऐसा तीसरा मौका था।
तेल बाज़ार में तूफान — 100 डॉलर प्रति बैरल के पार
इस पूरे संघर्ष का सबसे बड़ा असर वैश्विक तेल बाज़ार पर पड़ा है। Brent crude oil की कीमत 42 प्रतिशत से ज़्यादा उछल चुकी है और शुक्रवार को तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहा। दुनियाभर की सरकारें और बाज़ार ऊर्जा आपूर्ति और बढ़ती महँगाई को लेकर चिंता में हैं।
भारत जैसे देशों के लिए, जो अपनी तेल ज़रूरतों का बड़ा हिस्सा import करते हैं, यह स्थिति पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महँगाई दर दोनों पर असर डाल सकती है।
अभी यह जंग किस मोड़ पर जाएगी — कोई नहीं जानता। लेकिन एक बात तय है: जब तक Strait of Hormuz के ऊपर का तनाव नहीं घटता, दुनिया की अर्थव्यवस्था की साँस अटकी रहेगी।
