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ताइवान पर बढ़ा तनाव: शी जिनपिंग ने ट्रंप को दी चेतावनी, बोले- गलत कदम से हो सकता है टकराव
बीजिंग में हुई अहम मुलाकात के दौरान चीन ने ताइवान मुद्दे को बताया दोनों देशों के रिश्तों की सबसे बड़ी परीक्षा।
दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतों अमेरिका और चीन के बीच एक बार फिर ताइवान को लेकर तनाव गहराता नजर आ रहा है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ताइवान मुद्दे को सही तरीके से नहीं संभाला गया तो दोनों देशों के बीच “टकराव और संघर्ष” की स्थिति पैदा हो सकती है।
बीजिंग में हुई हाई-लेवल बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि ताइवान का मामला अमेरिका-चीन संबंधों की स्थिरता तय करेगा। उन्होंने कहा कि यदि इस मुद्दे को संतुलित तरीके से संभाला गया तो दोनों देशों के रिश्ते स्थिर रहेंगे, लेकिन गलत फैसले पूरी दुनिया के लिए खतरा बन सकते हैं।
करीब नौ साल बाद डोनाल्ड ट्रंप चीन दौरे पर पहुंचे हैं। उनका यह दौरा वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, टेक्नोलॉजी, ईरान संकट और ताइवान समेत कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने दुनिया में तेजी से बदलते हालात का जिक्र करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था एक बड़े मोड़ पर खड़ी है। उन्होंने “थ्यूसीडिड्स ट्रैप” का भी उल्लेख किया, जो इतिहास में दो बड़ी शक्तियों के बीच टकराव की स्थिति को दर्शाता है।
चीन लगातार ताइवान को अपना हिस्सा मानता रहा है, जबकि अमेरिका ताइवान को सैन्य और रणनीतिक समर्थन देता आया है। यही वजह है कि यह मुद्दा दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने बैठक के बाद बातचीत को “शानदार” बताया, लेकिन ताइवान पर पूछे गए सवालों का सीधा जवाब देने से बचते नजर आए।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और चीन के रिश्तों में आने वाले वर्षों की दिशा काफी हद तक ताइवान मुद्दे पर निर्भर करेगी। अगर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता है तो इसका असर सिर्फ एशिया ही नहीं बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार पर पड़ सकता है।
इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है क्योंकि दोनों देशों के फैसले आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय राजनीति को नई दिशा दे सकते हैं।
