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‘Islamic NATO’ की तरफ बढ़ रहा Pakistan? Turkey और Qatar भी होंगे शामिल India के लिए कितना बड़ा खतरा?

Pakistan के Defence Minister Khawaja Asif का बड़ा खुलासा — Saudi Arabia के साथ बने पुराने समझौते में अब Turkey और Qatar की एंट्री, Nuclear ताकत और तेल के पैसे का खतरनाक गठजोड़

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'Islamic NATO': Pakistan-Saudi Pact में Turkey-Qatar की एंट्री — India के लिए कितना बड़ा खतरा? | Dainik Diary
Pakistan, Saudi Arabia, Turkey और Qatar — 'Islamic NATO' की दिशा में बढ़ता एक नया Defence Alliance जो Middle East और South Asia की Security को बदल सकता है। (प्रतीकात्मक फोटो)

Tehran/Islamabad: Middle East में जारी तबाही के बीच एक नई खबर ने दुनिया के रणनीतिकारों की नींद उड़ा दी है। Pakistan के Defence Minister Khawaja Asif ने सोमवार रात एक Local TV Show पर बड़ा खुलासा किया — Turkey और Qatar, Pakistan और Saudi Arabia के बीच पहले से मौजूद Mutual Defence Pact में शामिल होने जा रहे हैं।

अगर ऐसा हुआ तो यह महज एक और समझौता नहीं होगा — यह Middle East और South Asia की पूरी Security Architecture को बदल देने वाला कदम होगा।

Khawaja Asif ने क्या कहा?

Pakistan के Defence Minister ने साफ शब्दों में कहा —“यह व्यवस्था अभी अंतिम रूप लेने की प्रक्रिया में है। अगर Qatar और Turkey भी इस मौजूदा समझौते में शामिल होते हैं, तो यह एक स्वागत योग्य कदम होगा।”

यह बयान उस वक्त आया है जब US और Israel का Iran के साथ संघर्ष पूरे क्षेत्र की Security Dynamics को नए सिरे से तय कर रहा है।

‘Islamic NATO’ — क्या है यह गठजोड़?

2025 में Islamabad और Riyadh के बीच एक Strategic Mutual Defence Agreement पर दस्तखत हुए थे। Bloomberg की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस समझौते में एक Collective Defence Clause है — जो बिल्कुल NATO के Article 5 की तरह काम करता है। यानी अगर किसी एक देश पर हमला हुआ, तो उसे सभी सदस्यों पर हमला माना जाएगा।

अब इसमें Turkey और Qatar के जुड़ने की संभावना से यह गठजोड़ एक नया रूप ले लेगा —

  • Turkey — NATO का दूसरा सबसे बड़ा Military Force, उन्नत Defence Manufacturing
  • Pakistan — Nuclear Deterrent और Ballistic Missile Capability
  • Saudi Arabia और Qatar — तेल से भरा अकूत Financial Muscle

इसीलिए दुनिया के जानकार इसे “Muslim NATO” या “Islamic NATO” कह रहे हैं।

और भी पढ़ें : Iran से बातचीत, साथ में Fighter Jets और 2,000 Troops West Asia में US की दोहरी चाल, JD Vance पहुँचे Pakistan

India को क्यों चिंता होनी चाहिए?

Indian Air Force के पूर्व Air Marshal Anil Chopra ने The Eurasian Times में लिखे एक Op-Ed में साफ चेतावनी दी है। उनके मुताबिक अगर यह “Islamic NATO” अंतिम रूप ले लेता है तो यह India, Israel, Armenia और Cyprus जैसे देशों के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।

उन्होंने लिखा —“Turkey और Pakistan पहले से बहुत करीब काम कर रहे हैं। India भी इस Nexus को लेकर चिंतित है। India अब Greece और Cyprus के साथ ज़्यादा मिलकर काम कर रहा है। India और Israel Mediterranean में अधिक समन्वय कर सकते हैं।”

यह याद दिलाना ज़रूरी है कि May 2025 में Operation Sindoor के दौरान Turkey ने Pakistan की सहायता की थी — एक ऐसा कदम जिसके भारत के साथ संबंधों पर गहरे असर पड़े।

'Islamic NATO': Pakistan-Saudi Pact में Turkey-Qatar की एंट्री — India के लिए कितना बड़ा खतरा? | Dainik Diary


America पर भरोसा नहीं — इसीलिए नया रास्ता

Ankara स्थित Think Tank TEPAV के Strategist Nihat Ali Ozcan ने Bloomberg को बताया —“जैसे-जैसे US अपने और Israel के हितों को प्राथमिकता दे रहा है, क्षेत्रीय देश नए तंत्र विकसित करने पर मजबूर हो रहे हैं जो दोस्त और दुश्मन की पहचान कर सकें।”

दूसरे शब्दों में, Iran war ने यह साबित कर दिया कि अमेरिका पर निर्भरता क्षेत्रीय हितों की रक्षा नहीं कर सकती। इसीलिए ये देश अपनी एक अलग Security Umbrella बनाने में जुटे हैं।

पुराने दुश्मन, नया गठजोड़

यह गठजोड़ इसलिए भी खास है क्योंकि Saudi Arabia और Turkey वर्षों तक Sunni Islam की Leadership को लेकर एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। लेकिन Iran War ने उन्हें एक मंच पर ला दिया है — यह Middle East की राजनीति में एक बड़ा Reset है।

आगे क्या?

अभी यह Alliance कागज़ पर है और “Finalisation Process” में है। लेकिन अगर Turkey और Qatar इसमें औपचारिक रूप से शामिल हो गए, तो India को अपनी Foreign और Defence Policy में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं। India पहले से Greece, Cyprus और Israel के साथ अपने संबंध मज़बूत कर रहा है — और यह गठजोड़ उस दिशा में और तेज़ी ला सकता है।

दुनिया एक नए Geopolitical बिसात पर खड़ी है — और इस बार के मोहरे परमाणु बम, तेल के कुएं और NATO की Military हैं।

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