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ब्रिटेन के पीएम Keir Starmer पर बढ़ा इस्तीफे का दबाव चुनावी हार के बाद पार्टी में बगावत
स्थानीय चुनावों में करारी हार के बाद लेबर पार्टी में बढ़ी नाराजगी, 70 से ज्यादा सांसदों ने कीर स्टारमर से पद छोड़ने की मांग की।
ब्रिटेन की राजनीति में इस समय बड़ा भूचाल देखने को मिल रहा है। स्थानीय और क्षेत्रीय चुनावों में करारी हार के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer पर इस्तीफे का दबाव तेजी से बढ़ता जा रहा है।
सत्तारूढ़ Labour Party को हालिया चुनावों में उम्मीद से कहीं ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा, जिसके बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबर पार्टी के 70 से ज्यादा सांसदों ने स्टारमर से पद छोड़ने की मांग की है।
यह स्थिति ऐसे समय में पैदा हुई है जब स्टारमर लगातार यह कह रहे हैं कि वह पार्टी को पहले से ज्यादा मजबूत और आक्रामक बनाएंगे ताकि बदलाव की उम्मीद कर रहे मतदाताओं का भरोसा दोबारा जीता जा सके।
क्यों बढ़ा है विरोध?
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, स्थानीय चुनावों में मिली हार ने पार्टी के अंदर नेतृत्व को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई सांसदों को लगता है कि स्टारमर जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं और पार्टी की लोकप्रियता तेजी से गिर रही है।
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ब्रिटेन की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भी अब नेतृत्व परिवर्तन की जरूरत महसूस करनी शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि ब्रिटेन की विदेश मंत्री Yvette Cooper और गृह मंत्री Shabana Mahmood ने भी स्टारमर से सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शांतिपूर्वक शुरू करने की सलाह दी है।
सरकार के सहयोगियों ने भी छोड़ा साथ
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब सरकार के चार सहयोगियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे साफ संकेत मिला कि पार्टी के भीतर असंतोष अब केवल बंद कमरों तक सीमित नहीं रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आने वाले दिनों में और सांसद खुलकर विरोध में उतरते हैं, तो स्टारमर की कुर्सी पर संकट और गहरा सकता है।

क्या हो सकता है अगला कदम?
लेबर पार्टी के नियमों के मुताबिक, नेतृत्व चुनौती शुरू करने के लिए पार्टी के कम से कम 20 प्रतिशत सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। मौजूदा संख्या के हिसाब से यह आंकड़ा 81 सांसदों का बनता है।
फिलहाल विरोध करने वाले सांसदों की संख्या 70 से ज्यादा बताई जा रही है, यानी स्टारमर के खिलाफ नेतृत्व चुनौती अब ज्यादा दूर नहीं दिखाई दे रही।
हालांकि स्टारमर ने अभी तक इस्तीफे के संकेत नहीं दिए हैं। उन्होंने कहा है कि वह आलोचनाओं से पीछे हटने वाले नहीं हैं और पार्टी को दोबारा मजबूत बनाने के लिए काम करते रहेंगे।
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ब्रिटिश राजनीति में बढ़ी हलचल
ब्रिटेन की राजनीति में यह घटनाक्रम काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि हालिया चुनावों ने जनता के मूड को भी साफ कर दिया है। बढ़ती महंगाई, आर्थिक दबाव और सरकारी नीतियों को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लेबर पार्टी जल्द हालात नहीं संभाल पाई, तो आने वाले राष्ट्रीय चुनावों में उसे और बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
फिलहाल पूरे ब्रिटेन की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि क्या कीर स्टारमर अपनी कुर्सी बचा पाएंगे या लेबर पार्टी में जल्द बड़ा नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिलेगा।
