Connect with us

World News

Xi Jinping ने युद्ध रोकने की लगाई गुहार Putin संग बैठक में मध्य पूर्व संकट पर बड़ा संदेश

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक के दौरान मध्य पूर्व में तुरंत युद्धविराम की जरूरत बताई और सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू होने पर चिंता जताई।

Published

on

Dainik Diary MR Philip 2026 05 20T225404.314
बीजिंग में बैठक के दौरान मध्य पूर्व संकट और युद्धविराम पर चर्चा करते शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया की नजर अब चीन और रूस की कूटनीतिक गतिविधियों पर टिक गई है। बुधवार को चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping और रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin के बीच हुई अहम बैठक में ईरान, युद्धविराम और क्षेत्रीय स्थिरता सबसे बड़े मुद्दे बनकर उभरे।

बैठक की शुरुआत में ही शी जिनपिंग ने साफ शब्दों में कहा कि मध्य पूर्व में दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू होना “पूरी तरह अस्वीकार्य” होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा हालात में व्यापक युद्धविराम बेहद जरूरी है और सभी पक्षों को बातचीत के रास्ते पर लौटना चाहिए।

चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में मध्य पूर्व की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। माना जा रहा है कि ईरान को लेकर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव और संभावित नए हमलों के बीच यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है।

और भी पढ़ें : सीएनएन के संस्थापक टेड टर्नर का निधन, 87 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

दरअसल, एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए थे कि आने वाले दिनों में ईरान पर फिर से हमले किए जा सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फारस की खाड़ी के कुछ सहयोगी देशों के अनुरोध पर फिलहाल नए हमलों को टाल दिया गया है।

ट्रंप के इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर तनाव और बढ़ गया। माना जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल की तरफ से शुरू हुई सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर बना दिया है। फरवरी के आखिर से शुरू हुए हमलों के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और चीन दोनों ही ईरान के बड़े समर्थक देशों में गिने जाते हैं। ऐसे में शी जिनपिंग और पुतिन की यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि एक बड़ा रणनीतिक संदेश भी मानी जा रही है।

Dainik Diary MR Philip 2026 05 20T225416.648


बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि बातचीत और कूटनीति ही इस संकट का स्थायी समाधान हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर युद्ध फिर से तेज हुआ, तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

दूसरी ओर, ईरान अब तक अमेरिकी दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं दिख रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम के बाकी हिस्सों को छोड़ने की मांग को मानने से इनकार कर रहा है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस समय दुनिया दो बड़े खेमों में बंटी नजर आ रही है। एक तरफ अमेरिका और उसके सहयोगी देश हैं, जबकि दूसरी ओर रूस और चीन जैसे देश ईरान के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

फिलहाल दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी हुई है कि क्या बातचीत के जरिए हालात संभल पाएंगे या फिर मध्य पूर्व एक बड़े संघर्ष की ओर बढ़ रहा है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *