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India ने USCIRF की रिपोर्ट को किया सिरे से खारिज — बोला, “यह Biased और Motivated रिपोर्ट है, हम इसे नहीं मानते”
America के Religious Freedom Panel ने RSS और R&AW पर Sanctions की मांग की थी — India के External Affairs Ministry ने कहा, पहले अपने देश में Hindu Temples पर हो रहे हमले देखो
India ने सोमवार को एक बार फिर United States Commission on International Religious Freedom यानी USCIRF की सालाना रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया। External Affairs Ministry के Spokesperson Randhir Jaiswal ने साफ शब्दों में कहा कि यह रिपोर्ट “Motivated और Biased” है और India इसे स्वीकार नहीं करता।
यह कोई पहली बार नहीं है। India लगातार कई सालों से USCIRF की रिपोर्टों को नकारता आया है — और इस बार भी सरकार का रुख उतना ही दृढ़ रहा।
रिपोर्ट में क्या था?
USCIRF ने इस महीने की शुरुआत में अपनी Annual Report जारी की थी, जिसमें India पर धार्मिक स्वतंत्रता के कथित उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए। रिपोर्ट में यह भी सिफारिश की गई कि America को अपनी Security Assistance और Bilateral Trade को India की Religious Freedom की स्थिति में सुधार से जोड़ देना चाहिए।
इससे भी आगे जाते हुए, USCIRF ने Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) और Research and Analysis Wing (R&AW) पर “Targeted Sanctions” लगाने की मांग की — यह कहते हुए कि ये संस्थाएं धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार हैं।
साथ ही रिपोर्ट में India को “Country of Particular Concern” घोषित करने की मांग दोहराई गई — एक ऐसा दर्जा जो आमतौर पर North Korea या Iran जैसे देशों को दिया जाता है।
India का करारा जवाब
Randhir Jaiswal ने इस पूरी रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा, “हमने USCIRF की ताज़ा रिपोर्ट नोट की है। हम इसकी Motivated और Biased Characterisation को पूरी तरह अस्वीकार करते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि USCIRF “Questionable Sources और Ideological Narratives” पर निर्भर करता है, न कि Objective Facts पर।
लेकिन India का जवाब यहीं नहीं रुका। Jaiswal ने USCIRF को आईना दिखाते हुए कहा कि इस Panel को India की “Selective Criticism” करने की जगह अपने खुद के देश की ओर देखना चाहिए — जहां Hindu Temples पर Vandalism और हमले हो रहे हैं, जहां Indian Diaspora के सदस्यों को Intimidate किया जा रहा है और उन्हें Selectively Target किया जा रहा है।

यह बयान सीधे तौर पर America में बढ़ती Hindu-विरोधी घटनाओं की ओर इशारा था — एक ऐसा पलटवार जो कूटनीतिक होते हुए भी बेहद तीखा था।
रिपोर्ट के आरोप
USCIRF की रिपोर्ट में कहा गया कि 2025 में India में Religious Freedom की स्थिति और बिगड़ी। रिपोर्ट के मुताबिक, कई राज्यों ने Anti-Conversion Laws को और कड़ा करने की कोशिश की — जिनमें ज़्यादा सज़ा के प्रावधान शामिल हैं। इसके अलावा, Religious Minorities के खिलाफ Vigilante Attacks को सहन करने और धार्मिक शरणार्थियों को अवैध रूप से निष्कासित करने के आरोप भी लगाए गए।
USCIRF है क्या?
USCIRF एक Independent और Bipartisan Federal Government Entity है, जिसे US Congress ने विदेशों में Religious Freedom की निगरानी के लिए स्थापित किया था। लेकिन India हमेशा से यह मानता रहा है कि यह संस्था India के मामले में एकतरफा और पूर्वाग्रहपूर्ण रवैया अपनाती है।
Jaiswal ने अंत में कहा कि इस तरह की “Repeated Misrepresentations” USCIRF की अपनी Credibility को ही नुकसान पहुंचाती हैं।
यह पूरा मामला ऐसे वक्त में सामने आया है जब India और America के रिश्ते कई मोर्चों पर एक नाज़ुक दौर से गुज़र रहे हैं — Trade Tensions से लेकर Geopolitical Alignments तक। ऐसे में USCIRF की यह रिपोर्ट और India का तीखा जवाब दोनों देशों के बीच एक और घर्षण बिंदु बन गए हैं।
